उम्मीदवार मई भी हु
मै बेकरार हु मुद्दत से मेम्बरी के लिए
टिकेट मूज़े भी दिला दो अस्सेंब्ली के लिए
टिकेट के बात से गैरत भी बेच सकता हु |
मै खानदान की इज्ज़त भी बेच सकता हु |
बीके तो अपनी शराफत भी बेच सकता हु |
मुजे सुकून है डरकर जिंदगी के लिए |
पॉपुलर मेरठी - 5
एक कणकटे का आज ये एलन ऐ आम है
नेता है हम हमारा तो कुर्बानी काम है
नेता का दावा सुनके मई ये सोचने लगा
कुर्बानी कणकटे की तो हराम है
Subscribe to:
Comments (Atom)